Author: Ritesh Kumar Mishra

“एक अज़नबी”

शहर में मिला था एक अज़नबी मुझसे बोला उसे मालूम है एक नयी छुपी हुई दुनिया तलक जाने का रास्ता वो वाकिफ है एक जादुई सीढ़ी से जो वहाँ तक जाती है रास्ता बहुत आसान है और सफर बहुत छोटा है उसकी बातो में सिर्फ और सिर्फ सच्चाई झलक रही थी और उसकी भूरी आँखों […]

“कुछ अच्छा करना है तो सोच बदलो”

कुछ अच्छा करना है तो सोच बदलो ज़िद करो, ज़िद्दी बनो, उठो, रेंगो मत दौड़ो, मंज़िल बहुत दूर नहीं है वो बस तुम्हारी उम्मीद और मेहनत के इक महीन धागे से बंधी है तुम्हारा हौसला उसे और मज़बूत करेगा थको मत, दुनिया बदलने का माद्दा है तुममे खुद को पहचानो और बदल दो खाका इस […]