Tag: Hindi poem

“कुछ अच्छा करना है तो सोच बदलो”

कुछ अच्छा करना है तो सोच बदलो ज़िद करो, ज़िद्दी बनो, उठो, रेंगो मत दौड़ो, मंज़िल बहुत दूर नहीं है वो बस तुम्हारी उम्मीद और मेहनत के इक महीन धागे से बंधी है तुम्हारा हौसला उसे और मज़बूत करेगा थको मत, दुनिया बदलने का माद्दा है तुममे खुद को पहचानो और बदल दो खाका इस […]

"पलकों पर ही रखा था"

पलकों पर ही रखा था उसे और उसके ख्वाब को आँखे खोली दोनों फिसल गए वो सदियों के लिए रूठ गया मुझसे मैं और मेरे ख्वाब टूटकर बिखर गए मेरे ही पहलू में “ऋतेश “

"तेरी मीठी रातों से इक रात चुराने आया हूँ"

तेरी मीठी रातों से इक रात चुराने आया हूँ तेरी नीली आँखों से कुछ ख्वाब चुराने आया हूँ ना दे इल्ज़ाम तू चोरी का, मैं चोर नहीं दीवाना हूँ इस रात की बस औकात मेरी, मैं नन्हा इक परवाना हूँ ले चलूँ तुझे तारों की छाँव, आ चल मैं लेने आया हूँ तेरी मीठी रातों […]

"आसमाँ आज तारों से नहीं भरा है"

आसमाँ आज तारों से नहीं भरा है काली बदलियाँ घिरी पड़ी हैं रातरानी के फूल खिल गए हैं मद्धम मद्धम बूंदे पड़ रही हैं और हवाएँ महक रही हैं मैं ऐसा हूँ के जैसा नहीं हूँ, मैं जैसा था, अब वैसा नहीं हूँ हर तरफ अँधेरा सा है, और मैं लाचार हूँ ज़िंदगी की कश्मकश […]

"कैंटीन की वो तेरह सीढ़ियां"

कैंटीन की वो तेरह सीढ़ियां बड़ी मायूस हैं, ए दोस्त खामोश रहकर भी जाने कितने सवाल कर जाती हैं उन सीढ़ियों के साथ मुझे भी यकीन  है, वो लम्हे तुम भी भुला नहीं पाये होगे | ये वो तेरह सीढ़ियां हैं जहाँ पर कुछ चेहरों की मुस्कराहट एक पोटली में बंधी है और सब उसे […]

"तू पास नहीं तो क्या हुआ"

तू पास नहीं तो क्या हुआ हर रोज़ तेरे ख्वाबो से ज़रा सी ज़िंदगी उधार लेता हूँ फिर निकल पड़ता हूँ एक सुनसान सड़क पर, तुम्हारी तलाश में जो शाम तक मुझे थकाकर, फिर ले आती है तुम्हारे ख्वाबों के पनाह में थोड़ी सी ज़िंदगी उधार मांगने “ऋतेश “

"ये पल कभी भूलने वाले नहीं हैं"

ये पल कभी भूलने वाले नहीं हैं ये वो कल हैं जो फिर आने वाले नहीं हैं संभाल कर रखना इनको दिल में कहीं ये वो बादल हैं जो फिरसे बरसने वाले नहीं हैं दफ़न हो जायेंगे ये पल भी ज़िन्दगी की किताब में पलटना कभी अकेले इन पन्नो को हमारी याद में हम न […]

"अभी- अभी तो उड़ना सीखा था"

अभी-अभी तो उड़ना सीखा था हवाओं से लड़ना सीखा था वक़्त ने हमारे पर काट लिए अभी अभी तो मुस्कुराना सीखा था तमन्ना थी की आसमाँ को नापेंगे है दम कितना खुद में ये जाचेंगे पर पहली ही उड़ान में तूफ़ान आ गया हमने तो अभी इस डाल से उस डाल पर फुदकना सीखा था […]